बोट क्लब पर सुलभ कॉम्प्लेक्स में बड़ा खेल, मुफ्त सुविधा के बदले वसूले जा रहे 2 रुपये
कर्मचारियों को चार महीने से नहीं मिली तनख्वाह!
भोपाल।
राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थल बोट क्लब पर बने सुलभ जन सुविधा केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर अवैध वसूली का खेल चल रहा है। एक ओर जहां आम लोगों से मूत्र त्याग (पेशाब) के नाम पर ₹2 वसूले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यहां दिन-रात पसीना बहाने वाले कर्मचारियों का शोषण थमने का नाम नहीं ले रहा है।
प्रतिदिन 600 रुपये का कलेक्शन, फिर भी खाली हाथ कर्मचारी
सुलभ कॉम्प्लेक्स में कार्यरत कर्मचारी मोहन ने खुलासा किया कि सुपरवाइजर रोज उनसे ₹600 का कलेक्शन ले जाता है। बावजूद इसके, पिछले चार महीनों से उन्हें एक रुपया भी वेतन (सैलरी) नहीं मिला है। कर्मचारी का आरोप है कि सुपरवाइजर का कहना है— "जब रोज ₹1400 का कलेक्शन दोगे, तभी ₹16,000 की सैलरी मिलेगी"। बिना वेतन के चार महीने से काम कर रहे कर्मचारी भारी आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं।
सुपरवाइजर की दलील— "हमारा पुराना एग्रीमेंट है"
हिंदुस्तान मेल की ओर से जब सुलभ इंटरनेशनल के सुपरवाइजर अंजनी कुमार सिंह से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि ₹2 का शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन उनका दावा है कि यह पुराने एग्रीमेंट और बोर्ड के आधार पर हो रहा है। पानी न होने और अव्यवस्था के सवाल पर सुपरवाइजर ने मोटर खराब होने की बात कही और मेंटेनेंस के नाम पर कलेक्शन की पैरवी की। हालांकि, वेतन न मिलने के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिए।
जन सुविधाओं के नाम पर उगाही का धंधा
नगर निगम और सुलभ इंटरनेशनल की इस कथित साठगांठ में जहां एक तरफ पर्यटकों और आम नागरिकों की जेब काटी जा रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। देखना यह होगा कि इस खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या यह अवैध वसूली यूं ही जारी रहेगी।
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