कहीं खुले फ्यूज बॉक्स, कहीं झूलते तार, सुरक्षा जाली भी नहीं शहर में खुले ट्रांसफार्मरों से बढ़ा खतरा
बेंच के ऊपर खुला बिजली का पैनल, जिम्मेदारों को हादसे का इंतजार?
ग्रीन सिटी मार्ग पर 5-6 ट्रांसफार्मर, 2-3 बेहद खतरनाक
बैतूल।
शहर में मुख्य मार्ग पर खुले ट्रांसफार्मर, खुले फ्यूज बॉक्स और झूलते तार राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। इस मार्ग पर करीब 5 से 6 ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिनमें से 2 से 3 की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। कहीं ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा जाली नहीं है, तो कहीं खुले बिजली के पैनल और तार लोगों की पहुंच के करीब हैं। हैरानी की बात यह है कि एक स्थान पर ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे नगर पालिका परिषद, बैतूल की बेंच भी लगी है, जहां लोग बैठते हैं। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं, बच्चों और राहगीरों की आवाजाही के बीच इन स्थानों पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
- बेंच के ऊपर खुला बिजली का पैनल, नीचे बैठते हैं लोग
सेंट्रल स्कूल से ग्रीन सिटी जाने वाले मार्ग पर लगे ट्रांसफार्मरों की स्थिति सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। एक स्थान पर ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे नगर पालिका परिषद, बैतूल की सीमेंट और लोहे की बेंच लगी हुई है। इसके ऊपर बिजली का खुला बॉक्स दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में बेंच पर बैठने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
ट्रांसफार्मरों के निचले हिस्से में लगे फ्यूज बॉक्स और स्विच पैनल भी खुले पड़े हैं। कुछ स्थानों पर बिजली के तार और स्विच जमीन से काफी नीचे तथा लोगों की पहुंच के करीब नजर आते हैं। इन उपकरणों के आसपास सुरक्षा जाली या बाउंड्री नहीं होने से अनजाने में इनके संपर्क में आने का खतरा बना हुआ है।
इस मार्ग पर मनीष ब्रेड फैक्ट्री के पास तिराहे पर लगा ट्रांसफार्मर भी संवेदनशील बताया जा रहा है। इसके अलावा ग्रीन सिटी में पार्क के पास साहू जी के घर के सामने लगा ट्रांसफार्मर भी चिंता का विषय है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग के करीब 5 से 6 ट्रांसफार्मरों में से 2 से 3 को अधिक खतरनाक बताया जा रहा है।
ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा फेंसिंग, बाउंड्री वॉल या जाली नहीं होने से लोगों की आवाजाही के दौरान जोखिम बना रहता है। खुले फ्यूज बॉक्स और लटकते तारों को देखते हुए बिजली कंपनी से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने की जरूरत है।
- जेएच कॉलेज के पास गोवंश की हो चुकी है मौत
खुले ट्रांसफार्मरों से होने वाले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। करीब डेढ़ साल पहले जेएच कॉलेज के पास इसी तरह के खुले ट्रांसफार्मर में करंट फैलने से एक गोवंश की मौत हो चुकी है। इस घटना के बावजूद शहर में खुले बिजली उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वर्तमान में नवरात्रि का पर्व चल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं, बच्चों और राहगीरों की आवाजाही के बीच खुले ट्रांसफार्मर और लटकते तार चिंता बढ़ा रहे हैं। यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
- क्षेत्रवासियों ने की तत्काल सुधार की मांग
क्षेत्रवासियों और राहगीरों ने बिजली कंपनी तथा स्थानीय प्रशासन से शहर में लगे सभी ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खुले ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली या फेंसिंग लगाई जाए, खुले फ्यूज बॉक्स और स्विच पैनल बंद किए जाएं तथा लटकते बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित किया जाए।
साथ ही ट्रांसफार्मरों के आसपास ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे आम नागरिक अनजाने में भी बिजली के खतरनाक उपकरणों के संपर्क में न आ सकें।
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