शहडोल में इंसानियत शर्मसार: 8 साल की मासूम को गर्म चिमटे से दागा, कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल
रिपोर्ट--- आकाश नामदेव
शहडोल। जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोप है कि मासूम के साथ मारपीट की गई और गर्म चिमटे से दाग कर उसे प्रताड़ित किया गया।
मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर की पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि डॉक्टर पति की भूमिका की जांच जारी होने की बात कही जा रही है।
क्या मामूली धाराओं में निपट जाएगा ये जघन्य अपराध?
बच्ची के शरीर पर चोट और जलने के निशान साफ तौर पर देखे जा रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
जनता और सामाजिक संगठनों का सवाल है:
1. जब बच्ची के शरीर पर जलने के निशान हैं तो क्या केवल मारपीट की धाराओं में कार्रवाई काफी है?
2. क्या इस मामले में *BNS की गंभीर धाराएं, किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) और बाल श्रम / बाल उत्पीड़न से जुड़े कठोर प्रावधान* नहीं लगने चाहिए?
3. डॉक्टर पति की भूमिका की जांच कब तक चलेगी?
*मेडिकल रिपोर्ट और बच्ची का बयान ही तय करेगा सच*
इस पूरे मामले में बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट, 164 के तहत बयान और घटनास्थल के साक्ष्य सबसे अहम हैं। मांग उठ रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर धाराएं बढ़ाई जाएं ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
ये सिर्फ एक FIR का मामला नहीं है, ये एक मासूम के भविष्य का सवाल है। यदि दोषियों को सख्त सजा नहीं मिली तो कल कोई और मासूम इसका शिकार बनेगी।मासूम को न्याय चाहिए - सिर्फ खानापूर्ति नहीं, ऐसी कार्रवाई जो दरिंदों के लिए नजीर बने।
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