कागजों पर 'स्वच्छ भारत', धरातल पर कबाड़: फंदा जनपद की 5 ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज, जिम्मेदार सचिव-रोजगार सहायकों का वेतन काटने की तैयारी

Sep 22, 2026 - 21:27
 0  13
कागजों पर 'स्वच्छ भारत', धरातल पर कबाड़: फंदा जनपद की 5 ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज, जिम्मेदार सचिव-रोजगार सहायकों का वेतन काटने की तैयारी
कागजों पर 'स्वच्छ भारत', धरातल पर कबाड़: फंदा जनपद की 5 ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज, जिम्मेदार सचिव-रोजगार सहायकों का वेतन काटने की तैयारी

रिपोर्ट-- मनीष श्रीवास्तव 

भोपाल।

 मध्य प्रदेश में सरकार भले ही गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही हो, लेकिन मैदानी स्तर पर बैठे लापरवाह नुमाइंदे सरकारी योजनाओं की किस तरह धज्जियां उड़ा रहे हैं, इसकी एक वानगी भोपाल जिले की जनपद पंचायत फंदा में देखने को मिली है। 'स्वच्छ भारत मिशन' जैसी अति-महत्वपूर्ण योजना को ठेंगा दिखाने वाली पांच ग्राम पंचायतों के खिलाफ आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया। सेग्रीगेशन शेडों कचरा संग्रहण घरों को कबाड़खाना बनाकर छोड़ने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का शिकंजा कस दिया गया है।

इन पांच पंचायतों पर लटकी तलवार

जनपद पंचायत सीईओ शिवानी मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद हुई ताबड़तोड़ जांच में जिन पांच ग्राम पंचायतों में पोल खुली है, उनमें शामिल हैं:

 बरखेड़ा बोंदर

 जगदीशपुर

 पुराछिंदवाड़ा

 अचारपुरा

 अरवलिया

सफेद हाथी साबित हुए सेग्रीगेशन शेड, डोर-टू-डोर कलेक्शन पूरी तरह ठप

जांच में यह चौकाने वाला सच सामने आया कि इन तमाम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च करके सेग्रीगेशन शेड तो खड़े कर दिए गए, लेकिन इनका उपयोग शून्य था। शेडों के ताले तक नहीं खुले और वे पूरी तरह खाली व अक्रियाशील पाए गए। गांवों में घर-घर से कचरा उठाने डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था कागजों तक सीमित रह गई, जबकि ग्रामीण मजबूरन कचरा बाहर खुले में फेंकने को विवश हैं।

मीडिया की खबर के बाद नींद से जागा अमला

मामले को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद जनपद स्तर का अमला हरकत में आया। मीडिया रिपोर्ट्स और जमीनी हकीकत को संज्ञान में लेते हुए जनपद सीईओ ने फौरन फाइलें मंगवाई और धरातल पर हकीकत परखने के लिए जांच टीम दौड़ा दी। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलते ही संबंधित पंचायतों के सचिवों और रोजगार सहायकों को नोटिस जारी कर कड़े तेवर दिखाए गए हैं।

इन कड़े कानूनों के तहत होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब फाइलों में फर्जीवाड़ा कर वाहवाही लूटने का दौर खत्म हो चुका है। मामले में:

 * मध्य प्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 54(3) व (7) के तहत गाज गिरी है।

 * तरल एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016/20 तथा ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के प्रावधानों के तहत गंभीर धाराओं में अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

 * लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार सचिवों और रोजगार सहायकों का एक माह का वेतन काटने की प्रशासनिक तैयारी अंतिम चरण में है।

48 घंटे का अल्टीमेटम और अन्य पंचायतों में हड़कंप

जनपद पंचायत द्वारा जारी कड़े आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिवस के भीतर समस्त सेग्रीगेशन शेडों को पूरी क्षमता से संचालित नहीं किया गया, तो इसके लिए संबंधित पंचायतकर्मी स्वयं जिम्मेदार होंगे और और भी कड़ी गाज गिरेगी। फंदा जनपद की इन पांच पंचायतों पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद भोपाल जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी खलबली मच गई है, और सुस्त पड़े अमले में हड़कंप का माहौल है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow