शहडोल में गरीबों के निवाले पर डाका! 300 आदिवासी परिवारों का 2 महीने का राशन हजम, अंगूठा लगवाकर करोड़ों का खेल, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल!
शहडोल।
सरकार कहती है – गरीब को भूखा नहीं सोने देंगे! लेकिन शहडोल में सरकारी सिस्टम ही गरीबों का निवाला छीन रहा है। जिले के *बुढ़ार जनपद के छतई गांव* में ऐसा राशन कांड सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। आरोप है कि *झिकबिजरी लैम्प्स की सरकारी राशन दुकान* पर 300 से ज्यादा गरीब, आदिवासी परिवारों से धोखे से अंगूठा लगवा लिया गया और उनका 2 महीने का अनाज कागजों में ही गायब कर दिया गया।
अब इस घोटाले का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण रो-रो कर कह रहे हैं – "अंगूठा लगवा लिया, अनाज नहीं दिया!"
300 परिवारों के साथ धोखा?
सूत्रों के मुताबिक छतई राशन दुकान के तत्कालीन विक्रेता *मोहम्मद अमीन* ने बड़ी चालाकी से खेल किया। ई-पॉस मशीन पर हितग्राहियों को बुलाया, अंगूठा लगवाया और सिस्टम में दिखा दिया कि राशन बंट गया। जबकि हकीकत में एक किलो अनाज भी गरीबों तक नहीं पहुंचा। आशंका है कि यह पूरा राशन खुले बाजार में बेच दिया गया।
*निलंबन से क्या होगा? पेट तो खाली है!*
मामला तुल पकड़ने पर विभाग ने खानापूर्ति करते हुए विक्रेता मोहम्मद अमीन को निलंबित कर दिया और दुकान नए विक्रेता *जैनुल* को दे दी। लेकिन सवाल ये है कि निलंबन से गरीबों का पेट भरेगा क्या? पीड़ित परिवारों का कहना है – "विक्रेता बदला, लेकिन हमारा 2 महीने का बकाया राशन आज तक नहीं मिला। हम भटक रहे हैं, सुनने वाला कोई नहीं।"
*वीडियो ने मचाया हड़कंप, अब FIR की मांग*
वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप है। ग्रामीण अब कलेक्टर से मांग कर रहे हैं कि सिर्फ निलंबन नहीं, आरोपी विक्रेता पर *FIR दर्ज कर जेल भेजा जाए* और 300 परिवारों का बकाया अनाज ब्याज सहित वापस दिलाया जाए।
आदिवासी बाहुल्य शहडोल में जहां लोग दो वक्त की रोटी के लिए सरकारी राशन पर निर्भर हैं, वहां इस तरह की घिनौनी धोखाधड़ी मानवता पर कलंक है।
*ये सिर्फ राशन घोटाला नहीं, गरीबों के हक पर डकैती है!*
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